कोंडागांव में नौकरी के नाम पर 6.50 लाख की ठगी, कांग्रेस जिला महामंत्री गिरफ्तार
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कोंडागांव। क्राइम रिपोर्ट
नौकरी के नाम पर ठगी: कोंडागांव में कांग्रेस जिला महामंत्री गिरफ्तार, 6.50 लाख हड़पे
कोंडागांव, छत्तीसगढ़: पटवारी की नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का गंभीर मामला, राजनीतिक गलियारों में हलचल।
घटना का मुख्य विवरण
- आरोप: कोंडागांव में एक व्यक्ति ने नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवक से 6.50 लाख रुपये की ठगी की। शिकायतकर्ता का आरोप था कि आरोपी ने उसे पटवारी (Patwari) की नौकरी दिलाने का झांसा देकर यह राशि ली थी।
- आरोपी: इस मामले में मुख्य आरोपी कांग्रेस का जिला महामंत्री बताया गया है। लंबे समय से शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच की और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
- ठगी का तरीका: आरोपी ने खुद को प्रभावशाली बताते हुए विभाग में अपनी 'पहुंच' का हवाला दिया था। उसने नौकरी लगवाने का भरोसा देकर पीड़ित से किश्तों में पैसे लिए थे, लेकिन काफी समय बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी लगी और न ही पैसे वापस किए गए।
राजनीतिक कार्रवाई
- पार्टी से निष्कासन: जैसे ही गिरफ्तारी और मामले की गंभीरता सामने आई, कांग्रेस संगठन ने त्वरित कार्रवाई की। पार्टी ने अपने जिला महामंत्री को प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है और उन्हें सभी पदों से मुक्त कर दिया गया है।
- पार्टी का स्टैंड: कांग्रेस का कहना है कि पार्टी भ्रष्टाचार या आपराधिक गतिविधियों में शामिल किसी भी पदाधिकारी को बर्दाश्त नहीं करेगी और कानून अपना काम करेगा।
पुलिस की कार्रवाई
- मामला दर्ज: पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी (IPC की संबंधित धाराओं) का मामला दर्ज किया है।
- जांच: पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस ठगी के जाल में कोई और व्यक्ति भी शामिल था या क्या आरोपी ने इसी तरह अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है।
चेतावनी और सुझाव
प्रशासन और पुलिस अक्सर आम जनता को ऐसी धोखाधड़ी के प्रति जागरूक करते रहते हैं:
- सावधानी: सरकारी नौकरी का झांसा देने वाले किसी भी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया केवल आधिकारिक वेबसाइटों और विज्ञापनों के माध्यम से ही होती है।
- संदेह: यदि कोई भी व्यक्ति "पहुंच" या "पैसों के बदले नौकरी" का दावा करे, तो यह सीधे तौर पर अवैध और धोखाधड़ी का संकेत है।
- सूचना दें: ऐसे मामलों की तुरंत निकटतम थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
"पार्टी भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करती। जैसे ही मामला सामने आया, आरोपी को तुरंत निष्कासित कर दिया गया। कानून अपना काम करेगा।"

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